Fixed rate of Interest vs Floating rate of Interest क्या हैं ,Home loan के लिए कौन सा बेहतर

Fixed rate of Interest vs Floating rate of Interest

हम सभी का एक सपना होता हैं , कि अपना घर होना चाहिए | यह एक अच्छा निर्णय हो सकता हैं , कि आप इस सपने को पुरा करने के लिए Home loan लें |

Home loan लेना एक फायदेमंद निर्णय साबित हो सकता हैं , जब इसे सोच और समझकर लिया जाएँ , क्योंकि यह हमारी जिंदगी का एक बहुत बड़ा फैसला होता हैं ,जो की हमारी financial stability को प्रभावित कर सकता हैं |

अकसर जब आप Home loan लेने के लिए जाते हैं , तो आपको दो तरह के interest rate offer किये जाते हैं |

  1. Fixed rate of Interest
  2. Floating rate of Interest

अकसर borrower इस दुविधा में पढ़ जाते हैं , की वो कौन सा Interest rate चुने | और ये दुविधा लाजमी हैं , क्योंकि दोनों ही interest rate एक दूसरे से काफी अलग हैं |

इसलिए आज के इस article में हम आपको बताएंगे , की fixed rate of interest क्या हैं ,और floating rate of interest क्या हैं , और यह दोनों एक दूसरे से कैसे अलग हैं ? ताकि आप इस जानकारी के आधार पर अपने Home loan के लिए , एक बेहतर rate of interest चुन सके | 

 

Fixed rate of interest क्या हैं ?

Fixed rate of Interest जैसा की नाम से ही पता चलता हैं , इसमें आपका rate of interest fixed रहता हैं , यानी की इसमें आपको अपनी Monthly EMI fixed और equal installment में चुकानी होगी , जब तक की आपका loan tenure पूरा ना हो जाए |

Fixed rate of interest का सबसे बड़ा फायदा यह होता हैं , की इसमें ब्याज दरों में आए बदलाव का कोई प्रभाव नहीं पड़ता | यानी की अगर ब्याज दरें बढ़ती भी हैं , तो भी आपका rate of interest fixed ही रहेगा |

Fixed rate of interest आपके लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता हैं , अगर आपको लगता हैं , की ब्याज दरें अपने निचले स्तर पर हैं , और भविष्य में आगे यह बढ़ सकती हैं |

Fixed rate of interest एक फायदा यह भी हैं , इसमें आपको अपना budget बनाने में आसानी होती हैं , क्योंकि आपको पता होता हैं की आपको अपने loan की repayment fixed और equal installment में करनी हैं |

 

Floating rate of interest क्या हैं ?

Floating rate of interest volatile होता हैं , जिसका मतलब हैं , अगर ब्याज दरों में बदलाव आता हैं , तो आपकी Monthly EMI भी बदलेगी | Generally, यह बदलाव हर तीन महीने बाद यानी ( हर एक quarter ) बाद revised होता हैं |

Floating rate of interest depend करता हैं , Base rate पर, अगर Base rate बदलता हैं , तो rate of interest का बदल जाना स्वाभाविक हैं |

Usually, Fixed rate of Interest 1-2.5 % ज्यादा हो | Floating Interest rate की तुलना में |

 

Fixed rate of Interest vs Floating rate of Interest

 

Sno.Fixed rate of InterestFloating rate of Interest
1.इसमें ब्याज दर अधिक रहती हैं |

इसमें ब्याज दर कम रहती हैं | 

2.इसमें आपको Budget बनाने में आसानी होती हैं |Budget बनाने में difficulty का सामना करना पड़ता हैं | 
3.ब्याज दरों में आये बदलाव से इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता , ये fixed ही रहता हैं |यह volatile होता हैं , यानि की अगर ब्याज दरें बदलती है , तो floating rate of interest भी बदलेगा |
4.इसमें Risk कम होता हैं |

यहां Risk ज्यादा होता हैं | 

 

 

 

 

उम्मीद करतें हैं , इस पोस्ट के माध्यम से दी गयी जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी , आपको यह पोस्ट कैसी लगी हमे comment करके जरूर बताएं | 

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